मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर के 11 सितंबर परिवहन समिट में ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ 25 सितंबर से शुरू करने की घोषणा की। इसके लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी PPP मॉडल रखा गया है।
रूपरेखा में निजी बस संचालन, तकनीक से निगरानी और टर्मिनल, डिपो व स्टॉप का विकास शामिल है। बसों में CCTV, GPS और पैनिक बटन प्रस्तावित हैं; डिजिटल टिकटिंग भी योजना का हिस्सा है।
प्रशासनिक ढांचे में राज्य स्तरीय MPYPIL, सात क्षेत्रीय कंपनियां और जिला समितियां शामिल हैं। लक्ष्य ग्रामीण, अंतरजिला और अंतरराज्यीय संपर्क बेहतर करना है।
11 सितंबर की विज्ञप्ति आरंभ तिथि बताती है। उसमें पहले दिन की समय-सारणी, किराये और टिकट लेने की प्रक्रिया का ब्योरा नहीं है।
मुख्य बातें
- घोषित शुरुआत: 25 सितंबर।
- सार्वजनिक-निजी भागीदारी से संचालन।
- सात क्षेत्रीय कंपनियों वाला ढांचा।
स्रोत और संदर्भ
- मध्यप्रदेश जनसंपर्क / परिवहन विभाग · प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का मंगल आरंभ 25 सितंबर से ↗11 सितंबर 2026
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 15 सितंबर 2026।



