कम स्पष्ट तस्वीर में एक चमकता बिंदु दिखा। अधिक स्पष्ट तस्वीर में उसके भीतर दो अलग वस्तुएँ निकलीं: पास का तारा और उसकी दिशा में बहुत दूर की आकाशगंगा। 10 जुलाई 2026 को सार्वजनिक हुए हिफैस्टोस अध्ययन के प्रीप्रिंट ने दो असामान्य अवरक्त स्रोतों की यही व्याख्या दी है। इसकी शुरुआती खोज में IIT इंदौर से जुड़े शोधकर्ता शामिल थे।
सात तारे क्यों चुने गए थे
2024 के Project Hephaistos अध्ययन ने Gaia, 2MASS और WISE की लगभग 50 लाख शुरुआती प्रविष्टियाँ छानीं। कई जाँचों के बाद सात M-बौने तारे आगे के अध्ययन के लिए चुने गए। इनमें उपलब्ध मापों की तुलना में मध्य-अवरक्त प्रकाश अधिक था। दल ने संभावित कृत्रिम ऊर्जा-संग्रह संरचनाओं की खोज के प्रश्न से यह जाँच शुरू की थी, लेकिन अतिरिक्त प्रकाश ऐसी संरचना का प्रमाण नहीं था।
मूल लेख में प्रियतम K. माहतो और सुमन मजूमदार की संबद्धता IIT इंदौर दर्ज है। संस्थान की दीक्षांत रिपोर्ट इसे माहतो की MSc परियोजना से निकला विभाग का पहला SETI शोधलेख बताती है। यह स्थानीय संबंध परियोजना के 2024 चरण का है; बाद का काम अंतरराष्ट्रीय सहयोग है।
Webb ने क्या अलग देखा
नए प्रीप्रिंट में James Webb Space Telescope के MIRI उपकरण ने D और E नाम वाले दो उम्मीदवार देखे। दोनों तारों की दिशा से करीब एक आर्कसेकंड हटकर दूसरी वस्तु दिखाई दी। यह आकाश पर मापा गया बहुत छोटा कोण है। D के पीछे गर्म धूल से ढकी आकाशगंगा और E के पीछे धूलभरी, तेजी से तारे बनाती आकाशगंगा मिली। WISE की कम कोणीय स्पष्टता में उनका प्रकाश सामने के तारे के साथ मिल गया था।
जाँच से बदलता निष्कर्ष
जनवरी 2025 के सहकर्मी-समीक्षित रेडियो अध्ययन में उम्मीदवार G से जुड़ा रेडियो स्रोत भी पृष्ठभूमि के सक्रिय आकाशगंगीय केंद्र जैसा निकला। तारे के स्थान पर रेडियो उत्सर्जन नहीं मिला। इससे मूल सातों उम्मीदवारों पर एक जैसा फैसला नहीं होता।
D और E वाला जुलाई 2026 परिणाम अभी प्रीप्रिंट है। यह कहानी दिखाती है कि बड़ी सूची से असामान्य स्रोत चुनने के बाद बेहतर तस्वीरों और अलग तरह के मापों से उन्हें फिर परखना क्यों जरूरी है।
मुख्य बातें
- 2024 की खोज ने लगभग 50 लाख शुरुआती स्रोतों से सात M-बौने आगे की जांच के लिए चुने; कोई परग्रही संरचना घोषित नहीं की।
- मूल पेपर में प्रियतम K. माहतो और सुमन मजूमदार का IIT इंदौर संबद्धता दर्ज है; संस्थान ने इसे MSc परियोजना से निकला पहला SETI पेपर कहा।
- जुलाई 2026 के Webb प्रीप्रिंट में D और E का अतिरिक्त अवरक्त प्रकाश तारे की दिशा से करीब एक आर्कसेकंड हटकर दिखती पृष्ठभूमि की आकाशगंगाओं से आया; सातों पर एक निष्कर्ष नहीं है।
स्रोत और संदर्भ
- Monthly Notices of the Royal Astronomical Society · Project Hephaistos – II. Dyson sphere candidates from Gaia DR3, 2MASS, and WISE ↗6 मई 2024
- IIT Indore · 12th Convocation Report 2023–24 — DAASE research highlights ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं
- arXiv · Preprint: Project Hephaistos – IV. James Webb Space Telescope Observations of Two Dyson Sphere Candidates ↗10 जुलाई 2026
- MNRAS Letters · High-resolution imaging of the radio source associated with Project Hephaistos Dyson Sphere Candidate G ↗15 जनवरी 2025
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 15 सितंबर 2026।



